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बहुरूपी प्रकृति 
July 18, 2020 • -विनोद सिल्ला
 
जिस प्रकार 
बहरूपिया 
बदल लेता है नित
अपना रूप
इसी प्रकार 
प्रकृति भी 
लेती है बदल
नित नया रूप
कभी हवा सुहावनी
कभी धूल भरी आंधी
कभी शीत-लहर 
 कभी झुलसाती लू
कभी धुंध
कभी बरसात
कभी ओलावृष्टि
कितने रूप
बदलती है प्रकृति 
 
-विनोद सिल्ला